ABOUT ASTROLGER RAJESH SHRIMALI

Astrologer Rajesh Shrimali is a well known name in this stream. It won’t be an exaggeration if his name is used as a synonym to astrology.

His work, research, articles on “kundali Analysis”a branch of astrology is beyond comparision, no one has done as much work as he has done on this particular subject astrology.

He is available in India and also visits other nations around the world for certain durations of time. Your date of birth, time of birth, place is all that is needed if one seeks to know about his past, present, future from Shri Rajesh Shrimali. One can satisfy one’s urge about career, business ,service, love, family, financial status, health or any other query.

He is  native of Jodhpur from the state of Rajasthan. Born on 30th March 1977, this 39 year old person did his schooling and higher education in Jodhpur itself. He did his graduation in 1996 from Jai Narayan Vyas University, Jodhpur in English literature, economics, public administration . In 1998 he completed his masters in marketing and then completed his MBA. After completing his education , he joined his traditional business & as time passed he was attracted towards the intricacies of astrology. His family lineage has a history of many renowned astrologers in its ranks, who had done extensive work on this subject.

Persons who do not have their exact date of birth, place and other related information can even find  solutions to their queries from the easy going and simple ways of his by means of “Prashan Kundali”.

His hold on the subject of Vaastu is immense, from time to time his articles appear in magazines, newspapers, and different T.V channels. You read his articles in his publication and various other monthly magazines. It is a next to impossible task to find an astrologer as unique as him in the country. His writings are the abode of Goddess Saraswati. It wouldn’t be an exaggeration to equate his name to the field of astrology, we can truly say astrology’s second name is Shri Rajesh Shrimali.

A simple, amiable, congenial personality such as his, is easily available. A meeting with this gentle person truly reflects his persona, one who is far away from mass commercialism, pomp & show. Let’s be the beneficiaries by getting our kundalis analyzed and let’s receive the solutions to our perennial problems and queries. Our coming generations will try to seek out experts in this branch/ stream. This society will forever be indebted to him for his hard-path breaking efforts in saving the grace of this most enigmatic subject

राजेश श्रीमाली ज्योतिष जगत का जाना माना नाम है, या यूं कहें ज्योतिष विषय का पर्याय है तो अक्तिश्योक्ति नहीं होगी।

ज्योतिष विषय की एक इकाई कुण्डली विश्लेषण में उन्होंने जितने अनुसंधान किये, जितना लिखा, उतना शायद ही किसी और ने किया हो।

भारतवर्ष एवं दुनिया के लगभग सभी देशों में समय अन्तराल आप उपलब्ध होते रहते हैं। अगर आपके पास आपकी जन्मतिथि, जन्म समय व जन्म स्थान है तो फिर आप अपना कल, आज व भविष्य सब कुछ राजेश श्रीमाली जी से बड़ी आसानी से जान सकते हैं। आपका कैरियर, व्यवसाय, नौकरी, प्रेम, परिवार, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य या और भी कुछ जो आप जानना चाहते हैं।

राजेश श्रीमाली जी मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर शहर से हैं। 30 मार्च 1977 में जन्मे 39 वर्षीय इस व्यक्ति ने अपनी प्रारम्भिक एवं उच्च शिक्षा जोधपुर में ही प्राप्त की।

आप अंग्रेजी साहित्य, अर्थशास्त्र एवं लोक प्रशासन में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर से सन् 1996 में स्नातक हुए। तत्पश्चात् 1998 में विपणन में मास्टर डिग्री (स्नातकोत्तर) हुए। एमबीए कर उन्होंने अपना पारिवारिक व्यवसाय संभाला व कालधारा में ज्योतिष विषय की ओर आकर्षित हुए। इस परिवार से पूर्व में भी कई ज्योतिषियों ने इस विषय पर विस्तृत कार्य किया है।

ज्योतिषविद् राजेश श्रीमाली जी कुण्डली विश्लेषण के अतिरिक्त जिन लोगों के पास अपनी सही जन्मतिथि, समय इत्यादि नहीं है, को बड़े ही सहज व सरल तरीके से प्रश्न कुण्डली के जरिये उनकी जिज्ञासाओं और प्रश्नों को हल कर लेते हैं।

वास्तु पर उनकी पकड़ किसी से छिपी नहीं है। समय-समय पर आपके अनेक आलेख विभिन्न समाचार-पत्रों व टीवी चैनलों पर देखते ही रहते हैं। उनके हाथों एवं सम्पादन में प्रकाशित होने वाली मासिक पत्रिका में भी उनके आलेख आप तक पहुंचते हैं। भारत भूमि पर उनके जैसा ज्योतिषि विलक्षण है। आपकी कलम में सरस्वती विराजमान है। अगर ऐसा कहें तो अतिश्योक्ति न होगी और अगर ऐसा कहे कि ज्योतिष का दूसरा नाम ‘राजेश श्रीमाली’ है तो भी अतिश्योक्ति न होगी।

सरल, सौम्य एवं सहज स्वभाव का यह व्यक्तित्व आपके पास सदैव सहज उपलब्ध रहता है। बाजारीकरण एवं भौंडे प्रदर्शन से दूर इस व्यक्ति से आपकी मुलाकात इस व्यक्ति के बारे में आपको बहुत कुछ कह देगी।तो चलिए! आपकी जीवन जिज्ञासाओं की शांति करते हुए, अपने यक्ष प्रश्नों हेतु अपनी कुण्डली विश्लेषण करवा लाभान्वित हो जाएं। शायद हमारी आगामी पीढि़यां इस विषय के विशेषज्ञों को खोजती रहेगी। इस ज्योतिष विषय की गरिमा को बचाने एवं उनके कठिन परिश्रम के लिए यह समाज आने वाले समय में भी उनका ऋणी रहेगा !!!

ABOUT SANSTHAN

Astrology, Spiritualism, Tantra-Mantra are an important pillar for achieving success in life, or in other words they are the very base of a successful life.

Astrology is an important and useful path/ means for the betterment of human life. An organization by the name of “SAMAY CHAKRA AUR AAP” was institutionalized, keeping the sole motive of making human life easy and organized by world-renowned astrologer and kundali analyst Astrologer RAJESH SHRIMALI.

This institution came into existence in the year 2010 with its headquarters in Jodhpur, Rajasthan.It has many branches catering to various objectives and works in the following manner:-

(1) HOROSCOPE ANALYSIS (kundali) & ASTROLOGY DEPARTMENT:- For getting your kundali analyzed one can personally meet Shri Rajesh Shrimali face to face, as he is present in various cities of India on fixed schedule and abroad too.  One can easily get one’s queries about the progress, trials & tribulations regarding their life by means of kundali & prashan kundali.

(2) ASTROLOGY DEPARTMENT:- It gives an excellent opportunity by which a person can get his kundali scrutinized through internet. Online astrological services are provided through our portal www.rajeshshrimali.com. Other than this by means of telephonic appointment, one can also satisfy one’s urges and plan his future from any part of this world.

(3) PUBLICATION DEPARTMENT:- Under the aegis of the institution a monthly magazine by the name of “GRAH RAHASYA” is published. Shri Rajesh Shrimali is the editor of this publication. He also brings out/ publishes yearly predictions of each particular star-sign. This magazine is available on every prominent book stall in India. Thousands over the world are its yearly subscribers. One can easily avail its subscription by means of online or telephonic registration for a mere Rs. 495/-

(4) ARTICLES/IMPlEMENTS FOR WORSHIP:- The institution provides articles/items related to various worship rituals, rites and meditation. This work is carried out by our online services-rajeshshrimali shop. Besides this you can avail all kinds of items needed for various religious rites and pujas. Such items are fully solemnized beforehand. Our institution also makes different types of amulets, mystical diagrams like Shree Yantra, Kuber Yantra, Baglamukhi Yantra, Shivling keeping the sanctity intact. Different types of idols, rosary, yantra are also available.

(5)BOOKS:-Books edited by Shri Rajesh Shrimali are published and are easily available on every prominent book-stall of India through the institution.

(6) OBJECTIVES:- The sole purpose behind this institution was to stop frauds who under the guise of this pious profession were cheating and taking people for a ride. the other objective was to propagate this wonderful stream of science between people and make them conscious of its intricacies and beauty.

Keeping this in mind and heart Rajesh Shrimali and Samay Chakra parivar are totally devoted to these objectives. We sincerely pray to the Almighty to bless us with the energy to be successful in our endeavor of helping you in the sincerest manner possible.

ज्योतिष अध्यात्म तंत्र – मंत्र जीवन की सफलता में महत्वपूर्ण स्तम्भ है, या यूँ कहें कि सफल जीवन का एक मूल आधार है। मानव कल्याण में ज्योतिष एक महत्वपूर्ण एवम् उपयोगी मार्ग है।

इस कार्य को सुचारू एवम् व्यवस्थित रूप से करने के प्रायोजन से “समय चक्र और आप” संस्था की स्थापना की गई, जिसके पूरोधा जाने माने विश्वविख्यात ज्योतिषविद् एवम् कुण्डली विश्लेषक राजेश श्रीमाली जी है।

“समय चक्र और आप” की स्थापना सन् 2010 में की गई, इसका मुख्यालय जोधपुर (राजस्थान) में है।

ये संस्था विभिन्न शाखाओं में विभाजित है एवम् इस प्रकार कार्य करती है:-

(1) कुण्डली विश्लेषण एवम् ज्योतिष विभाग – कुण्डली विश्लेषण हेतु राजेश श्रीमाली जी निजी तौर पर आपके समक्ष समय-समय पर रहते है, भारत के विभिन्न शहरों में उनके नियमित दौरे होते ही रहते हैं जहाँ आप उनसे निजी तौर पर मिलकर अपनी कुण्डली व प्रश्न कुण्डली के माध्यम से अपने जीवन के विकास व समस्याओं के बारे में आसानी से जान सकते है।

(2) ज्योतिष विभाग – आपके लिए इन्टरनेट के माध्यम से कुण्डली विश्लेषण की सुविधा भी प्रदान करता है, Online Astrology Service हम आप तक www.rajeshshrimali.com के माध्यम से पहुँचाते हैं।

इसके अतिरिक्त Telephonic Appointment के माध्यम से आप भारत ही नहीं वरन् संसार के किसी भी हिस्से से तुरन्त अपनी कुण्डली का विश्लेषण करवा अपनी आगामी योजना बना सकते हैं।

(3) प्रकाशन विभाग – “समय चक्र और आप” संस्था की छत्रछाया एवम् मार्गदर्शन में मासिक पत्रिका “ग्रह रहस्य” का प्रकाशन होता है। ज्योतिषविद् राजेश श्रीमाली जी इस मासिक पत्रिका “ग्रह रहस्य” के सम्पादक है, इसके अतिरिक्त राजेश श्रीमाली जी द्वारा आपके समक्ष वार्षिक राशिफल का प्रकाशन भी किया जाता है। यह पत्रिका “ग्रह रहस्य” भारत के सभी प्रमुख बुक स्टाॅल पर सहज उपलब्ध रहती है। इस पत्रिका के विश्वभर में हजारों वार्षिक सदस्य भी है। आप भी इसकी सदस्यता आॅनलाईन या फोन द्वारा प्राप्त कर सकते है। इसका वार्षिक सदस्यता शुल्क 495/- मात्र हैं।

(4) पूजन सामग्री – यह संस्था सभी प्रकार की पूजन एवम् आध्यात्मिक सामग्री व इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रयोगों व साधनाओं से जुड़ी सामग्री आपको उपलब्ध करवाती है। यह कार्य हमारी आॅनलाईन सेवा राजेश श्रीमाली शाॅप पर आॅनलाईन उपलब्ध है।

इसके अतिरिक्त आप फोन पर भी पूर्ण प्राण प्रतिष्ठित विभिन्न पूजन सामग्रीयाँ एवम् प्रयोग सामग्रीयाँ पूर्ण प्राण प्रतिष्ठित एवम् अभिमंत्रित प्राप्त कर सकते है।

हमारी संस्था विभिन्न यंत्रों जैसे श्रीयंत्र, कुबेर यंत्र, बगलामुखी यंत्र, शिवलिंग का निर्माण कार्य भी करती है जो कि पूर्ण विधिपूर्वक किया जाता है।

इसके अतिरिक्त मूर्तियों, मालाओं, यंत्रों व ज्योतिष समत् भंडार हमारे यहाँ उपलब्ध है।

(5) पुस्तकें – राजेश श्रीमाली जी द्वारा लिखित पुस्तकों का प्रकाशन भी इसी संस्था के माध्यम से होता है जो भी भारत भर में सभी प्रमुख बुक स्टाल पर उपलब्ध है।

(6) उद्देश्य – विश्वविख्यात ज्योतिषविद् एवम् कुण्डली विश्लेषक राजेश श्रीमाली जी का उद्देश्य इस संस्था के निर्माण के पीछे केवल यह था कि ज्योतिष के नाम पर जो दुनिया में ठगी हो रही है उसे रोका जाए एवम् इस पूर्ण ज्योतिष विज्ञान का विकास व विस्तार हो।

ऐसी कामना लेकर राजेश श्रीमाली जी “समय चक्र और आप” व “ग्रह रहस्य” परिवार आपके समक्ष खड़ा है। आशा है ईश्वर हमारे इस उद्देश्य को पूर्ण करने की शक्ति हमें प्रदान करेगा व हम आपका मार्गदर्शन करने में सक्षम रहेंगे।