English

Many youth commit suicide because of lack of manhood. Scores are ruined by fraudulent quacks. Out of these youth many are alright physically but impotency is due to general weakness and no other reason. Impotency is not from childhood (birth) but due to weakness, such youth have normal organs like penis/testes. They can get benefit by this method. It is not a difficult spiritual endeavour (sadhna). The practcioner/Saadhak needs to recite the chant one lakh time, on the banks of a river. During these days he has to partake meals only once during day and has to adhere to the benefit that the manhood would return as soon as the chanting is completed. This is called as Anang Sadhna or Madan Sadhna

This chant has to be recited one lakh times. This has to be done in 14 days and on 15th day it is hoped that it will bear the desired fruit. As soon as the recitation for the desired number is completed, then one performs a religious sacrifice along with one thousand jasmine flowers. Then only one is rewarded with the result. If required one can take the services of a Tantric. Kameshwari Yantra and practices:-

This yantra is for a chieving all the desires, wishes, hopes. The Yantra is constructed and then worshipped. Yantra is placed before the person who is reciting the chant, which is as follows.

Kaam-Yantra Practices:- This Yantra is made on Bhoj-leaves or paper. The name of the person doing the practice is placed in the centre of the Yantra, then it is placed in the pocket or where one keeps his head while-lying down. This Yantra provides stability/erectility in copulation. Satisfaction is achieved. Before copulating during night, this chant is recited:-

SukhPrasavYantra:-This is an octahedral Yantra. In the centre is a circle. Yantra is made or drawn on a paper, then it is put in an amulet and tied in the neck of the female. Due to this Yantra during delivery there is no distress/suffering.

Hindi
बहुत से युवक पुरुषत्व की कमी के कारण आत्महत्या कर लेते देखे गये हैं। अनेक युवकों को नीम-हकीम बर्बाद कर देते हैं। ऐसे नपुंसक युवकों में बहुत से तो ऐसे होते हैं जो ठीक होते हैं किन्तु सामान्य कमजोरी होती हैं।

यदि ऐसी कमजोरी है, नपुंसकता जन्मजात नहीं है अर्थात् उसके शरीर में लिंगेन्द्रिय नामक अंग है, अंडकोश भी है, तो वह इस साधना से भी लाभ उठाकर देख सकता है।

यह कोई कठिन साधना नहीं है। इसके लिए साधक को मंत्र के एक लाख जाप करने हैं। जाप नदी के तट पर करना पड़ता है और इन दिनों में एक समय भोजना करना है तथा यह विश्वास जमाये रखना है कि ज्यों ही मंत्र का जाप पूर्ण होगा आपका पुरुषत्व आ जायेगा।

इसे अनंग साधना या मदन साधना कहते हैं। इसका मन्त्र यह है –

‘ऊँ एं मदने मदनविद्रवणे अगम् सगमे देहि-देहि क्रीं क्रीं स्वाहा।’

इसी मन्त्र को एक लाख बार जपना है। चैदह दिनों में इसे पूर्ण किया जा सकता है और पन्द्रह दिनों की इस साधना से आशातीत लाभ की संभावना रहती है।

किन्तु जप एक लाख होते ही एक हजार चमेली के फूल लेकर उनकी आहुतियों से हवन पन्द्रहवें दिन अवश्यमेव करें। तभी सफलता मिलती है। हो सके तो तांत्रिक से सलाह लें।

कामेश्वरी यन्त्र एवं साधना:

यह यन्त्र सभी प्रकार की मनोकामनाओं, इच्छाओं और आशाओं के लिए है।यन्त्र बनाकर उसका मन्त्रों से पूजन करते हैं।यन्त्र को सामने रख लिया जाता है।

मन्त्र इस प्रकार है –

देहि सौभाग्य मारोग्यं, देहि में परमं सुखम्।

रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जाहि।।

सर्व मंगल मंगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।

शरण्ये त्रयंबके गौरि, नारायणि, नमोऽस्तुते।।

काम-यन्त्र साधना:

भोजपत्र या कागज पर इस यन्त्र को बनाते हैं। यन्त्र में बीचोंबीच अपना नाम लिखते हैं। फिर इसे जेब में या सिरहाने रखते हैं। यह यन्त्र संभोग में स्तम्भन प्रदान करता है। सन्तुष्ट करता है। यन्त्र रखने के बाद, रात्रि को जब संभोग करते हैं, उससे पूर्व इस मन्त्र को जपते हैं।

मन्त्र इस प्रकार है –

‘जृंभणों मोहनः स्तम्भी मारणः क्षोभणस्तथा।

कामी कलानिधिः कान्तः कामिनी व सकृत्वशी।।

सुख प्रसव यंत्र:

यह अष्टकोण यन्त्र है। बीच में वृत्त होता है। यन्त्र बनाकर या कागज पर लिखकर ताबीज में रखकर इसे गर्भिणी के गले में बांध देते हैं। इस यन्त्र के बांधने से बच्चा होने में कष्ट नहीं होता है।