चार मुखी रुद्राक्ष – 4 mukhi Rudraksha

चार मुखी रुद्राक्ष चतुर्मुखी ब्रह्मा का स्वरूप है,यह विद्या की देवी सरस्वती को प्रसन्न करने का मार्ग है
यह बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है, कुछ ग्रंथो में संतान ना होने की स्थिति में चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने की बात कही जाती है,4 मुखी रुद्राक्ष को 6 मुखी रुद्राक्ष के साथ धारण करने से सरस्वतीबंद बनता है।

चार मुखी रुद्राक्ष धारण करने के फ़ायदे-

१. शरीर में नया तेज़ पैदा होता है।
२.सरदर्द की बीमारी में लाभकारी ।
३.जो बच्चे हकलाते या तुतलाते है, लाभकारी ।
४.एकाग्रता बढ़ाता है।
५.पढ़ने व पढ़ाने की इच्छा जागता है।
६. नया जानने की इच्छा पैदा करता है।

कौन लोग धारण करे –
१.सभी प्रकार व स्तर के विद्यार्थी
२.सभी अध्यापक व शिक्षक
३.मिथुन राशि के जातक
४.संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले
५. निरंतर सरदर्द से पीड़ित लोग
६. तुतलाने व हकलाने वाले बच्चे

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